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Bharat Nyay Yatra: राहुल गांधी की यात्रा का मार्ग अरुणाचल से ना होने पर भाजपा नेता ने आपत्ति जताई, तो कांग्रेस पर सवाल उठे।

जेठमलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जयराम पर एक पोस्ट किया और उनके विचारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अरुणाचल प्रदेश पर जयराम रमेश के विचारों को पढ़ना अजीब लगता है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत न्याय यात्रा’ की घोषणा

राहुल गांधी ने 14 जनवरी से शुरू करने का एलान किया है। इस यात्रा का मार्ग मणिपुर से मुंबई तक 6200 किलोमीटर का है।

जयराम रमेश की बयानी ने उठाए सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस यात्रा की जानकारी दी है, जिसके बाद सियासी गलियारे में हलचल मच गई है। इस दौरान, राज्यसभा सदस्य महेश जेठमलानी ने भी यात्रा के मार्ग पर चिंता जताई है।

रमेश के विचारों पर जेठमलानी का प्रतिसाद

जेठमलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर जयराम पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अरुणाचल प्रदेश पर जयराम रमेश के विचारों को पढ़ना अजीब लगता है।

विभिन्न मुद्दों पर उनकी आपत्ति

जेठमलानी ने साल 2008 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के कांग्रेस के फैसले सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्ति व्यक्त की थी।

यात्रा के बाद भी नई घोषणाएं

भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद जयराम ने इस साल एक और यात्रा की घोषणा की है, जो अरुणाचल से गुजरात तक होगी।

चीन के दावे पर जवाब मांगा

इस बीच चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदलते हुए राज्य पर अपना दावा किया है, जिसके लिए जयराम ने प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराया है।

जेठमलानी के सवालों की मांग

राज्यसभा सदस्य जेठमलानी ने कहा, “कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने हाल ही में देश को बताया कि राहुल मणिपुर से मुंबई तक भारत न्याय यात्रा करने वाले हैं। मतलब अब यह यात्रा अरुणाचल प्रदेश से होकर नहीं गुजरेगी। ऐसे में मेरे कुछ सवाल हैं, जिनके जवाब जयराम दें।”

 

यह सवाल पूछे-

1. मार्ग परिवर्तन का तर्क: आखिरकार यात्रा के मूल मार्ग को क्यों बदला गया?

2. अरुणाचल प्रदेश का बहिष्कार: क्या आपने जानबूझकर अरुणाचल प्रदेश को यात्रा के मार्ग से बाहर रखा क्योंकि चीन ने राज्य के 11 स्थानों के नाम बदल दिए हैं?

3. अरुणाचल प्रदेश के साथ एकजुटता: चूंकि आप चीन के इस कदम पर भड़के हुए थे, तो क्या कांग्रेस के लिए यह जरूरी नहीं था कि वह राज्य के लोगों को दिखाते थे कि वह उनके साथ हैं और यात्रा की शुरुआत वहां से ही करते। या कम से कम यात्रा के मार्ग में आंध्र प्रदेश को शामिल करते?

4. उग्रवाद में चीन की भूमिका: क्या आप इस बात से सहमत हैं कि चीन पूर्वोत्तर में विद्रोह को बढ़ावा देता है और मणिपुर में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए धन उपलब्ध कराता है?

5. मणिपुर हिंसा में चीन की भागीदारी: क्या आपको कम से कम एक संभावना के रूप में यह लगा है कि इस साल की शुरुआत में मणिपुर हिंसा में चीनी हाथ हो सकता है?

6. 2008 के एमओयू में भूमिका: क्या 2008 में सीसीसीपी के साथ समझौता ज्ञापन में प्रवेश करने के लिए कांग्रेस के निर्णय में आपकी व्यक्तिगत रूप से कोई भूमिका थी?

7. एमओयू के बारे में जागरूकता: क्या आप किसी भी घटना में इससे अवगत हैं?

8. चीनी संप्रभुता की मान्यता: क्या एमओयू में ऐसा कहा गया है कि आईएनसी अरुणाचल प्रदेश पर चीनी संप्रभुता को मान्यता देता है?

9. 2008 के एमओयू की वैधता: क्या आप मानते हैं कि 2008 में केंद्र में सत्ता में रहे एक भारतीय राजनीतिक दल के लिए सीसीसीपी के साथ एक समझौता ज्ञापन करना कानूनी था, जो चीनी राज्य का पर्याय है, जिसने 1962 से भारतीय क्षेत्र के एक बड़े हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है?

10. पारदर्शिता का आह्वान: क्या किसी भी स्थिति में इस समझौता ज्ञापन को पारदर्शिता के सिद्धांत पर सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए, जिसके बारे में आप और आपकी पार्टी लिपापोती करती हैं?

यह है मामला
भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत न्याय यात्रा निकालने वाली है। ये यात्रा 14 जनवरी से शुरू होगी और 20 मार्च में खत्म होगी।

किन-किन राज्यों से गुजरेगी यात्रा
यह यात्रा 14 राज्यों से निकाली जाएगी, जिनमें मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल है। इस यात्रा के जरिए 85 जिलों में फैली 6200 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।

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